कीमत छिपाने वाली संपत्तियों से ब्याज और जुर्माने के साथ वसूला जाएगा कर



उत्तर प्रदेश (लखनऊ) : लखनऊ के सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र में जिन संपत्तियों की कीमत कम दिखाकर खरीद-फरोख्त की गई हैं। उनसे ब्याज और जुर्माने के साथ आयकर विभाग कर की वसूली करेगा। हालांकि, तहसील के सब रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की गलत जानकारी देने से जुड़े इस मामले में आयकर विभाग को करीब 100 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान होगा। दरअसल, 2019-20 के दौरान स्टाम्प मूल्य से कम कीमत पर खरीदी गई 289 संपत्तियों 50 लाख से अधिक कीमत वाली हैं। जिनकी 350 करोड़ रुपये में बिक्री हुई। इस पर 30 फीसदी आयकर देय हैं। नियम के मुताबिक, 50 लाख से अधिक की संपत्ति पर तीन वर्ष बाद टैक्स नहीं लिया जा सकता। सूत्रों ने बताया, जिन संपत्तियों को 50 लाख रुपये से कम कीमत पर खरीदा व बेचा गया, उनसे जुड़े वित्तवर्ष के बाद छह वर्ष तक टैक्स लिया जा सकता हैं।